शनिवार, 26 फ़रवरी 2011

आदत.......................................


सागर गहरा था,
हो गया
और गहरा -
जब से
डूबना
आदत सी हो गया....  








आदत .....

तेरी आदत से तू मजबूर ...

मेरी आदत से मैं ....

अपनी अपनी आदत से देखें

दोनों चलते हैं कितनी दूर ........!!

           




आदत .......
जब हो जाये तो जाती भी नही ....
उसके बिना कोई शै भाती भी नही ...... :(  :(