शनिवार, 27 अगस्त 2011

एहसास




हर बात से डर लगता है 
हर बात पे सहम जाते है 

जब झूठ के मेले में, एहसास 
बच्चे से कहीं खो जाते हैं .......

गुरुवार, 18 अगस्त 2011

रिश्ते

रिश्ते 

नहीं होते

 मोहताज़ 

वक्त के... 

जो होते है 

वो रिश्ते नहीं

होते हैं

 महज़

टाइम पास.....

रविवार, 7 अगस्त 2011

दोस्त

दोस्त 
दो सत 
जैसे सूरज 
जैसे सागर 
तभी तो 

होता है विरक्त ...
रज से 
तम से 
बंधता है सम 
सिर्फ 
सत से ......