शनिवार, 7 अप्रैल 2012

जिंदगी......


उसने कहा.........
जिंदगी क्या है 
एक खूबसूरत गीत
या कोई हसीन ख्वाब ..... 
मैंने कहा
गीत या ख्वाब
तो नहीं पतापर हॉ
जीने के लिये
जरूरी है
कुत्ते सी वफादारी
क्योंकिजरा सी ‘चूक
बना देगी ‘लावारिस
इतना ही नहीं
घोषित कर दिऐ जाओगे
हलकाए’ हुए
और मार दिए जाओगे
बेमौत
मीठी रोटी में
मिलाकर जहर
तबजिंदगी के मायने
चढ़ जाएगे बलि
म्यूनसपैलिटी’ वालों के
जनसुरक्षा
अभियान के तहत.....!!

( "काव्यांजलि " में प्रकाशित )

9 टिप्‍पणियां:

  1. ज़िन्दगी की इस भयावह सच्चाई को बड़े करीब से देखा है,
    क्या बताऊँ ज़िन्दगी क्या है

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  2. तब तो जी मौत ही बेहतर है, ऐसे जी कर भी क्या करेगा आदमी

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  3. आक्रोश है ख्यालातों में ...
    पर इमानदारी सच में बहुत जरूरी ई जीवन जीने के लिए ...

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  4. बहुत खूबसूरत लगी पोस्ट....शानदार।

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  5. जिंदगी का कटु सत्य और इसको बहुत ही सहजता से बयान कर दिया है आपने ! बधाई

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  6. भावप्रवण सुंदर प्रस्तुति!

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