शनिवार, 20 दिसंबर 2014

फ़िलवक़्त .......!



तुम कौन हो
     और मैं कौन.....

जगेगा सवाल 
जिस दिन ये। 

       खो जाऊँगी जंगल में …

फ़िलवक़्त 
बस, बह रहे हो 
नदी में 
                 समंदर से ……… !! 




रविवार, 10 अगस्त 2014

बस एक नज़र की बात थी.……




तुमने 

बच्चे को उछाला 
आसमान में ....... 

बच्चा निश्चिंत था  ....... 

अचानक 
चूक गई तुम्हारी नज़र 
और....
........................
रात हो गई.…। 
( बस एक नज़र की बात थी.…… )