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गुरुवार, 12 सितंबर 2013

नन्ही बूँदें ................

जड़ों  के बीच से 
काट दिया पेड़ 
मुरझा गया था 

जड़े लगी थी सूखने ----

 हवा के साथ 
कोई बादल आया 
और 
बरस गया ----

जाने क्या था 
नन्ही बूंदों में ---!

वो ' जल ' ही रहा होगा ---- 
समझ गया जड़ों की प्यास 

दिखाई देने लगी है 
हरीतिमा 
और कोंपले 
'हैं ' मानो  
प्रतीक्षारत -------




3 टिप्‍पणियां:

  1. वो ' जल ' ही रहा होगा ----
    समझ गया जड़ों की प्यास .... बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति अंजू जू!

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  2. दिखाई देने लगी है
    हरीतिमा
    और कोंपले
    'हैं ' मानो
    प्रतीक्षारत -------
    sundar shabd chayan... sashakt abhivyakti

    जवाब देंहटाएं