गुरुवार, 18 अगस्त 2011

रिश्ते

रिश्ते 

नहीं होते

 मोहताज़ 

वक्त के... 

जो होते है 

वो रिश्ते नहीं

होते हैं

 महज़

टाइम पास.....

6 टिप्‍पणियां:

  1. सच और सही जब भी हो सशक्त ही होता है वर्षा जी,रश्मि जी और इमरान जी ...बस उस सच को कहने और मानने का हौंसला चाहिए जो आप ने किया है ,तहे दिल से शुक्रिया

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  2. भावों और शब्दों का सुंदर संयोजन....

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  3. आज लोग रिश्तों का महत्त्व भूल गए हैं.अच्छी रचना.
    यदि मीडिया और ब्लॉग जगत में अन्ना हजारे के समाचारों की एकरसता से ऊब गए हों तो मन को झकझोरने वाले मौलिक, विचारोत्तेजक विचार हेतु पढ़ें
    अन्ना हजारे के बहाने ...... आत्म मंथन http://sachin-why-bharat-ratna.blogspot.com/2011/08/blog-post_24.html

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