गुरुवार, 28 मार्च 2013

क्षणिका ..प्रेम (२)



तुम 
नही जता पाते प्रेम 
मेरे प्रति ...
क्यों ..? 
 क्यूंकि 
नही किया तुमने कभी प्रेम ...
चंद शब्दों से 
लिख देते हो इतिहास ...../
पर प्रेम तो 
 वर्तमान है ....
 है ना..... !!!! 
(अंजू अनन्या)

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (30-3-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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  2. बहुत सुन्दर....होली की हार्दिक शुभकामनाएं ।।
    पधारें कैसे खेलूं तुम बिन होली पिया...

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  3. प्रेम को परिभाषित करते गहन अर्थ ।

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  4. वाह....
    बहुत सुन्दर....

    अनु

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  5. पर प्रेम तो
    वर्तमान है ....
    है ना..... !!!!
    bilkul
    lekin kya karen
    mitti ke madho ka (*_*)

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  6. प्रेम तो वर्तमान है न , इतिहास प्रेमी /प्रेमिका हो सकते हैं :)

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