रविवार, 24 नवंबर 2013

यात्रा ......

कितना अच्छा हो
बच्चों को पढाया जाये 
अ-से अनुज (अनादि )
आ-से आनंद … 

अक्षर से शब्द की यात्रा 
हो जाएगी  सरल … 
और  
वाक्य विन्यास में 
लिख पाएगा 
फिर वही  ,
लिखना चाहेगा  
जो वो कहीं .............. !!

{प्रेरणा स्रोत -अ-से-अनुज }

-अंजू अनन्या-

2 टिप्‍पणियां:

  1. आप सबके इतने स्नेह का मैं सच्चा हकदार तो नहीं ;
    पर इसे भुलाना अब बहुत मुश्किल है ,
    प्रणाम और शुक्रिया !!

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